कुछ लोग कर रहे सन्त निरंकारी मिशन को बदनाम। क्या मिलता है इनको ये सब करके? क्यो कर रहे हैं? कोन लोग हैं ये? जानने के लिये पढे पूरी कहानी।धन्यवाद।
प्यारे सन्तो भक्तजनों आशा करता हूँ कि आप सब अच्छे होगें।
समय की सतगुरु माता सुदिक्षा जी
महापुरूषो आज लोग सोशल मीडिया पर पर बहुत ही एक्टिव होते जा रहे हैं। सभी लोग फेसबुक, व्हाटसप, यूटूव और ट्वीटर आदि को बहुत ज्यादा इस्तेमाल करते हैं।
क्या होता है कि जब फेसबुक पर किसी ग्रूप मे कोई पोस्ट होती है तो वो पहले ग्रूप एडमिन के पास पहुँचती है फिर एडमिन उसको वेरिफाई करेगा और आगे पोस्ट कर देगा। यदि पोस्ट सही है, इससे किसी की भावनाओ पर कोई गलत असर नही पड़ता है तोहि आगे पोस्ट की जायेगी वरना उस पोस्ट को डिलीट कर दिया जाता है।
पर व्हाटसप पे अभी ऐसा नहीं है यहाँ पर लोग कुछ भी डाले, कुछ भी लिखे कोई नही बोलता है। ना ही ये एडमिन के बस मे है।
तो हो क्या रहा है कि अनजान लोग निरंकारी मिशन से समबन्धित ग्रुप बना रहे हैं और जो ग्रुप पहले से बने हैं उनमे अपने ग्रुप का लिंक देते है जो भी सन्त महात्मा इन ग्रुपो पे क्लिक करता है वो उस ग्रुप मे एड हो जाता है फिर ये लोग जिन्होंने ये ग्रुप बनाया है, बहुत ही भड़कीले पोस्ट करते हैं। सन्त निरंकारी मिशन की समय की सतगुरु माता सुदिक्षा जी के बारे मे उल्टा-सीधा लिखते हैं। सन्तो महापुरूषो के बारे मे गन्दा बोलते हैं। आप ना चाहते हुए भी अपने आप को रोक नही पाओगे।
फिर आप उनसे बहस करने लग जाओगे। सन्तो महापुरूषो जी यहीं पे हम गलती कर जाते हैं या तो हम उनसे ग्रुप मे लड़ते हैं या उनको पर्सनल मेसेज करके लड़ते हैं। तो यहीं हमसे चूक हो जाती है हम उनको कुछ भी गुस्से मे बोल देते हैं और वो इसी का फायदा उठा लेते हैं और हमारी बातो का फोटो शूट ले लेते हैं। अब इस फोटो शुट को बो अलग अलग ग्रुपो मे सेयर करते हैं। वो ये दिखाने की कोशिश करते हैं कि जो निरंकारी सन्त अपने आप को महापुरूष बोलता है, अपने आप को सहनशील बोलता है उसके आप विचार देखिये।
दरअसल ये लोग आपस मे फूट डालने की कोशिश करते हैं और जानबूझकर उस तरह की भाषा बोलते हैं जिससे हमे गुस्सा आ जाये और हम भी उनके जैसी भाषा बोले।
तो सन्तो भक्तजनों दास की आप सभी से हाथ जोड़कर विनती है कि इनके बनाये हुऐ जाल मे मत फसिये। ये बहुत सातिर लोग है हम इनसे नहीं लड़ सकते और ना ही हम लड़ना चाहते हैं। क्योकि बाबा जी ने हमको सिखाया है कि
ना ही बैरी, ना ही बेगाना।
सगल श्रृष्टि हमको बनीयाई।
निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी महाराज जी।
तो इस तरह से सन्त महापुरूष मानते हैं, फिर भी हमे चेतन रहने की जरूरत है हमे देखना चाहिए कि हमारी छोटी सी गलती की बजह से मिशन पे तो कुछ आंच नही आ रही है।
तो सन्तो भक्तजनों ये मिशन प्रीत,प्रेम और प्यार का है। इसकी हमे पवित्रता को बचाये रखना है।
अन्त मे दास की हाथ जोड़कर विनती है कि कोई भी व्हाटसप ग्रुप से जुड़ने से पहले देख ले कि उसमे कोई हमारी जान पहचान का जुड़ा है कि नही या जिनको हम अच्छे से जानते हैं कि वो निरंकार सन्त है।
किस तरह का ग्रुप है, इससे हमारे मिशन को तो बदनामी तो नही मिल रही है।
तो सन्तो महापुरूषो जी चेतन रहे, देखभाल कर रहे, समझदार बने और सेवा, सुमिरन सतसगं करते चले जाये।
दास को भी सहनशील होने का आशीर्वाद दे।
कोई गलती हुई तो बक्स लेना जी।
धन निरंकार जी।
अच्छा लगे तो कमंट जरूर करना।
धन्यवाद।
समय की सतगुरु माता सुदिक्षा जी
महापुरूषो आज लोग सोशल मीडिया पर पर बहुत ही एक्टिव होते जा रहे हैं। सभी लोग फेसबुक, व्हाटसप, यूटूव और ट्वीटर आदि को बहुत ज्यादा इस्तेमाल करते हैं।
क्या होता है कि जब फेसबुक पर किसी ग्रूप मे कोई पोस्ट होती है तो वो पहले ग्रूप एडमिन के पास पहुँचती है फिर एडमिन उसको वेरिफाई करेगा और आगे पोस्ट कर देगा। यदि पोस्ट सही है, इससे किसी की भावनाओ पर कोई गलत असर नही पड़ता है तोहि आगे पोस्ट की जायेगी वरना उस पोस्ट को डिलीट कर दिया जाता है।
पर व्हाटसप पे अभी ऐसा नहीं है यहाँ पर लोग कुछ भी डाले, कुछ भी लिखे कोई नही बोलता है। ना ही ये एडमिन के बस मे है।
तो हो क्या रहा है कि अनजान लोग निरंकारी मिशन से समबन्धित ग्रुप बना रहे हैं और जो ग्रुप पहले से बने हैं उनमे अपने ग्रुप का लिंक देते है जो भी सन्त महात्मा इन ग्रुपो पे क्लिक करता है वो उस ग्रुप मे एड हो जाता है फिर ये लोग जिन्होंने ये ग्रुप बनाया है, बहुत ही भड़कीले पोस्ट करते हैं। सन्त निरंकारी मिशन की समय की सतगुरु माता सुदिक्षा जी के बारे मे उल्टा-सीधा लिखते हैं। सन्तो महापुरूषो के बारे मे गन्दा बोलते हैं। आप ना चाहते हुए भी अपने आप को रोक नही पाओगे।
फिर आप उनसे बहस करने लग जाओगे। सन्तो महापुरूषो जी यहीं पे हम गलती कर जाते हैं या तो हम उनसे ग्रुप मे लड़ते हैं या उनको पर्सनल मेसेज करके लड़ते हैं। तो यहीं हमसे चूक हो जाती है हम उनको कुछ भी गुस्से मे बोल देते हैं और वो इसी का फायदा उठा लेते हैं और हमारी बातो का फोटो शूट ले लेते हैं। अब इस फोटो शुट को बो अलग अलग ग्रुपो मे सेयर करते हैं। वो ये दिखाने की कोशिश करते हैं कि जो निरंकारी सन्त अपने आप को महापुरूष बोलता है, अपने आप को सहनशील बोलता है उसके आप विचार देखिये।
दरअसल ये लोग आपस मे फूट डालने की कोशिश करते हैं और जानबूझकर उस तरह की भाषा बोलते हैं जिससे हमे गुस्सा आ जाये और हम भी उनके जैसी भाषा बोले।
तो सन्तो भक्तजनों दास की आप सभी से हाथ जोड़कर विनती है कि इनके बनाये हुऐ जाल मे मत फसिये। ये बहुत सातिर लोग है हम इनसे नहीं लड़ सकते और ना ही हम लड़ना चाहते हैं। क्योकि बाबा जी ने हमको सिखाया है कि
ना ही बैरी, ना ही बेगाना।
सगल श्रृष्टि हमको बनीयाई।
निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी महाराज जी।
तो इस तरह से सन्त महापुरूष मानते हैं, फिर भी हमे चेतन रहने की जरूरत है हमे देखना चाहिए कि हमारी छोटी सी गलती की बजह से मिशन पे तो कुछ आंच नही आ रही है।
तो सन्तो भक्तजनों ये मिशन प्रीत,प्रेम और प्यार का है। इसकी हमे पवित्रता को बचाये रखना है।
अन्त मे दास की हाथ जोड़कर विनती है कि कोई भी व्हाटसप ग्रुप से जुड़ने से पहले देख ले कि उसमे कोई हमारी जान पहचान का जुड़ा है कि नही या जिनको हम अच्छे से जानते हैं कि वो निरंकार सन्त है।
किस तरह का ग्रुप है, इससे हमारे मिशन को तो बदनामी तो नही मिल रही है।
तो सन्तो महापुरूषो जी चेतन रहे, देखभाल कर रहे, समझदार बने और सेवा, सुमिरन सतसगं करते चले जाये।
दास को भी सहनशील होने का आशीर्वाद दे।
कोई गलती हुई तो बक्स लेना जी।
धन निरंकार जी।
अच्छा लगे तो कमंट जरूर करना।
धन्यवाद।


Dhan nirankar ji santo ji
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